हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में जमीन और राजस्व विभाग की गलती के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों की पीपीपी में गलत प्लॉट दर्ज होने से उनके राशन कार्ड कट गए हैं। इससे परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में करीब 6479 मामले ऐसे हैं, जिनमें से सैकड़ों की संख्या में गलत तरीके से लोगों की फैमिली आईडी में प्लॉट दर्ज होने से राशन कार्ड कट गए हैं।
पीपीपी में गलत प्लॉट दर्ज होने से कटी राशन कार्ड की सुविधा
परिवार पहचान पत्र में गलत प्लॉट दर्ज होने के कारण कई परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। राशन कार्ड कटने से गरीब परिवारों के सामने राशन मिलने की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।
समाधान शिविरों में भी नहीं मिल रहा समाधान
समस्या के समाधान के लिए लोग प्रशासनिक कार्यालयों और समाधान शिविरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कई मामलों में अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे में परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
सरकार और प्रशासन से समाधान की मांग
लोगों ने मांग की है कि पीपीपी में दर्ज गलत प्लॉट की जानकारी को जल्द ठीक किया जाए, ताकि पात्र परिवारों के राशन कार्ड दोबारा बनाए जा सकें और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। प्रशासन की गलती के कारण किसी भी पात्र परिवार को राशन से वंचित नहीं रहना चाहिए।
गलत रिकॉर्ड ठीक करवाने के लिए क्या करना होगा?
यदि किसी नागरिक की फैमिली आईडी में गलत प्लॉट या संपत्ति दर्ज हो जाती है, तो उसे संबंधित अधिकारियों के पास जाकर रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने के लिए शिकायत देनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है। संबंधित विभाग की ओर से रिकॉर्ड की जांच के बाद गलती को ठीक किया जाएगा।
रिकॉर्ड दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू
पीपीपी में गलत रिकॉर्ड दर्ज होने की समस्या को लेकर सरकार की ओर से रिकॉर्ड दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। हालांकि, प्रभावित परिवारों का कहना है कि जब तक गलत रिकॉर्ड ठीक नहीं होता, तब तक उन्हें राशन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी होती रहेगी। ऐसे में लोगों ने मांग की है कि मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, ताकि पात्र परिवारों को उनका हक मिल सके।





