सभी सरकारी भवनों पर अब रूफटॉप सोलर पैनल अनिवार्य, अगले सात वर्षों में 24,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य

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चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाना अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस निर्णय को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में ऊर्जा उपलब्धता बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक रोडमैप तैयार किया गया, जिसके तहत राज्य अगले सात वर्षों में 24,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करेगा।

मुख्यमंत्री सैनी ने बैठक में कहा कि आने वाले वर्षों में हरियाणा की ऊर्जा जरूरतें तेजी से बढ़ेंगी, ऐसे में राज्य को परंपरागत बिजली उत्पादन पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि “ऊर्जा आत्मनिर्भरता” राज्य की प्राथमिकता है और इसके लिए सौर ऊर्जा सबसे उपयुक्त विकल्प साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, जिला सचिवालयों तथा अन्य विभागीय भवनों पर चरणबद्ध तरीके से रूफटॉप सोलर इंस्टालेशन सुनिश्चित किया जाएगा।

‘पीएम सूर्य घर योजना’ को मिशन मोड में लागू करने के निर्देश

बैठक में ऊर्जा विभाग ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर अपनाने में प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना को हरियाणा में मिशन मोड में लागू किया जाए ताकि अधिक से अधिक परिवार बिजली बिलों में राहत पा सकें और राज्य की कुल सौर क्षमता में तेजी से वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सोलर ऊर्जा के लाभ बताए जाएँ।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि ऊर्जा उत्पादन केवल आर्थिक मजबूती का विषय नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इस कारण सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।

ऊर्जा उपलब्धता का नया लक्ष्य और विभागों की जिम्मेदारी तय

बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि हरियाणा अगले सात वर्षों में 24,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करेगा। इसमें रूफटॉप सोलर, बड़े पैमाने पर ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स, कृषि क्षेत्रों में सोलर पंपों का विस्तार, और उद्योगों में सौर ऊर्जा उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने दायरे में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार करें। जो विभाग इस लक्ष्य को पूरा नहीं करेगा, उसकी समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा दबाव, बढ़ती मांग और पर्यावरणीय चिंताओं को देखते हुए अब स्वच्छ ऊर्जा अपनाना मजबूरी नहीं, बल्कि भविष्य का सुरक्षित निवेश है।

बैठक में यह भी फैसला हुआ कि जहां भी सरकारी विभाग नई इमारतें बनाएँगे, वहाँ बिल्डिंग प्लान में सोलर पैनल का प्रावधान अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। साथ ही, सरकारी भवनों की छतों का सर्वेक्षण करके तुरंत इंस्टालेशन का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए।

ग्रीन एनर्जी के साथ आर्थिक लाभ भी मिलेगा

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने से बिजली उत्पादन लागत कम होगी, जिससे लंबे समय में सरकारी खजाने पर बोझ घटेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर इंस्टालेशन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, सोलर ऊर्जा से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जा सकेगा, जिससे राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग ज़िला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो सोलर परियोजनाओं की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि गांवों और शहरों में लोगों को प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर तकनीकी दक्षता बढ़ाई जाए, ताकि सोलर इंस्टालेशन और रखरखाव का कार्य तेजी से और सुचारू रूप से हो सके।

2027 तक 2.22 लाख सोलर कनेक्शन का लक्ष्य

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा योजना के तहत अब तक 42,486 उपभोक्ता आवेदन कर चुके हैं। 31 मार्च 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 2.22 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। अनुमान है कि इस लक्ष्य की प्राप्ति से राज्य में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बहुत तेजी से बढ़ेगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में परंपरागत बिजली उत्पादन क्षमता की तुलना में नवीकरणीय ऊर्जा को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दिशा में बड़े सोलर पार्कों की स्थापना, निजी निवेश को प्रोत्साहन और इंटरस्टेट ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे।

Vijay Kakkar

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