हरियाणा सरकार परिवार पहचान पत्र (PPP) में जन्मतिथि सत्यापन को लेकर बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। जिन बुजुर्गों के पास उम्र सत्यापित करने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें अब राहत मिल सकती है। सरकार ऐसे मामलों में परिवार पहचान पत्र में दर्ज बड़े बेटे या बेटी के दस्तावेजों के आधार पर भी उम्र का सत्यापन करने का विकल्प देने पर विचार कर रही है।

PPP में जन्मतिथि सत्यापन क्यों जरूरी है?

हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ परिवार पहचान पत्र के माध्यम से दिया जाता है। खासकर वृद्धावस्था पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहे, इसके लिए परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि का सत्यापन कराना जरूरी किया गया है।

परिवार पहचान पत्र के को-ऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार किसी भी पात्र नागरिक की पेंशन बंद नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों का रिकॉर्ड सही तरीके से अपडेट हो, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न आए। इसके लिए दिसंबर तक परिवार पहचान पत्र का डाटा अपडेट किया जाएगा।

उम्र सत्यापन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हैं?

फिलहाल सरकार ने जन्मतिथि सत्यापन के लिए 5 दस्तावेजों को मान्यता दी है। इनमें शामिल हैं:

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • 10वीं कक्षा की मार्कशीट
  • वर्ष 2019 तक बना वोटर आईडी कार्ड
  • पासपोर्ट
  • पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO)

जिन लाभार्थियों को सरकार की ओर से मैसेज प्राप्त हुआ है, उन्हें 30 दिन के भीतर इनमें से किसी एक दस्तावेज को अपलोड करना होगा।

जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं उन्हें मिलेगी राहत

सरकार ऐसे बुजुर्गों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रही है, जिनके पास ऊपर बताए गए कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन या अन्य सरकारी योजना का लाभ ले रहा है और उसके पास उम्र सत्यापन के लिए निर्धारित दस्तावेज नहीं हैं, तो परिवार पहचान पत्र में दर्ज बड़े बेटे या बेटी के जन्म संबंधी दस्तावेजों के आधार पर भी उसकी उम्र का सत्यापन किया जा सकेगा।

हालांकि इस सुविधा का लाभ तभी मिलेगा, जब बड़ी संतान का नाम परिवार पहचान पत्र में दर्ज हो और उसकी जन्मतिथि पहले से सत्यापित हो।

सरकार जल्द ले सकती है अंतिम फैसला

फिलहाल सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो हजारों ऐसे बुजुर्गों को राहत मिलेगी जिनके पास जन्मतिथि से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इससे पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं और पेंशन का लाभ बिना किसी परेशानी के मिलता रहेगा।