केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत – मोदी सरकार ने दी पेंशन विकल्प की मंजूरी

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केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए मोदी सरकार ने नई पेंशन योजना (NPS) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) के बीच चयन का विकल्प देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। अब केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी इच्छा के अनुसार यह तय कर सकेंगे कि वे किस पेंशन प्रणाली में शामिल होना चाहते हैं।

कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी

कई सालों से केंद्रीय कर्मचारी संगठन लगातार यह मांग कर रहे थे कि उन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ फिर से दिया जाए। उनका कहना था कि नई पेंशन योजना से उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद स्थायी सुरक्षा नहीं मिल रही है। इन मांगों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को “विकल्प चुनने” का अवसर देने का निर्णय लिया है। यह फैसला वित्त मंत्रालय की अनुशंसा पर लिया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

अब मिलेगा विकल्प चुनने का अवसर

इस नई व्यवस्था के तहत वे सभी सरकारी कर्मचारी जो 1 जनवरी 2004 के बाद सेवा में आए हैं, उन्हें पुरानी पेंशन योजना में वापस जाने का अवसर मिलेगा। कर्मचारियों को एक निश्चित अवधि के भीतर यह बताना होगा कि वे NPS में रहना चाहते हैं या OPS में जाना चाहते हैं। सरकार का उद्देश्य इस फैसले से कर्मचारियों में भरोसा और संतोष बढ़ाना है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो सके।

अधिकतम निवेश की सीमा तय

नई पेंशन प्रणाली में निवेश की अधिकतम सीमा भी सरकार ने तय की है। इसके तहत कर्मचारियों की आयु और सेवा अवधि के अनुसार 25% से 75% तक योगदान की सुविधा दी गई है। उदाहरण के लिए, 35 वर्ष से कम उम्र के कर्मचारियों को अपनी आय का 25% तक निवेश करने की अनुमति होगी, जबकि 55 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए यह सीमा 75% तक रहेगी। यह कदम पेंशन योजनाओं में लचीलापन लाने और कर्मचारियों को अपनी भविष्य सुरक्षा के लिए अधिक स्वतंत्रता देने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।