चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक का विस्तार करते हुए मॉडर्न ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को पंचायत विभाग में लागू कर दिया है। लंबे समय से एक ही जगह कार्य कर रहे ग्राम सचिव, पटवारियों के तबादले अब डिजिटल माध्यम से होंगे। विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, 18 नवंबर से कर्मियों के डेटा की जांच शुरू हो चुकी है, और अब पूरी प्रक्रिया तय समयबद्ध तरीके से चलेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पारदर्शी और निष्पक्ष तबादला प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, जिसमें कर्मचारियों की प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 19 से 25 जनवरी तक कर्मचारियों की प्राथमिकताएँ ली जाएँगी, जबकि 5 फरवरी को ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होना जरूरी
विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्राम सचिव और पटवारी के अलावा क्लर्क, असिस्टेंट, सोशल एजुकेशन एंड पंचायत अधिकारी (SEPO) तथा अन्य पदों पर भी तबादले होंगे।
- वर्ष 2020 में विभाग ने पहली बार ट्रांसफर ड्राइव शुरू की थी।
- अब जिन कर्मचारियों को तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है, उन्हें इस ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होना अनिवार्य होगा।
- यदि कोई कर्मचारी विकल्प नहीं देता, तो विभाग उसे अपनी सुविधा अनुसार प्रदेश में कहीं भी स्थानांतरित कर सकता है।
ट्रांसफर शेड्यूल — कब क्या होगा?
नीचे विभाग द्वारा घोषित विस्तृत कार्यक्रम दिया गया है:
18 नवंबर – 2 दिसंबर
- विभाग कर्मियों के डेटा की जांच करेगा।
27 दिसंबर
- नोडल अधिकारी अंतिम स्कोर प्रकाशित करेंगे।
- यही स्कोर ट्रांसफर प्रक्रिया में कर्मचारियों के लिए आधार बनेगा।
28 दिसंबर – 3 जनवरी
- कर्मियों को स्कीमैटिक भागीदारी के तहत ट्रांसफर ड्राइव में अपनी पसंद दर्ज करने का अवसर मिलेगा।
19 – 25 जनवरी
- अधिकारी अपनी प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देंगे।
5 फरवरी
- स्थानांतरण आदेश जारी होंगे।
6 फरवरी – 2 मार्च
- स्थानांतरण के बाद कोई भी आपत्ति दर्ज की जा सकेगी।
15 फरवरी
- ट्रांसफर के बाद 15 तारीख तक शिकायतों/आपत्तियों का निवारण किया जाएगा।
3 मार्च – 17 मार्च
- कर्मचारियों को नई जगह पर सफलतापूर्वक ज्वाइनिंग पूरी करनी होगी।
विभाग ने दिए स्पष्ट निर्देश
कर्मचारियों के लिए निर्देश है कि वे शेड्यूल के अनुसार पोर्टल पर अपनी-ब-अपनी जानकारी समय पर अपडेट करें और ट्रांसफर ड्राइव में अनिवार्य रूप से भाग लें। विभाग का कहना है कि नई पॉलिसी से तबादला प्रणाली अधिक साफ, पारदर्शी और बिना पक्षपात वाली होगी।


