केंद्र सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत अब तक 20 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस योजना के अंतर्गत किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। अब किसान 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं।
कब आएगी पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त?
कई किसानों के मन में सवाल है कि 21वीं किस्त कब आएगी? सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में यह राशि जारी कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हर बार की तरह इस बार भी राशि ट्रांसफर एक बड़े कार्यक्रम के माध्यम से किसानों के खातों में की जा सकती है।
इससे पहले 20वीं किस्त जून 2025 में किसानों के खातों में पहुंची थी। सरकार ने यह राशि 17 करोड़ से अधिक किसानों को भेजी थी। ऐसे में संभावना है कि नई किस्त भी उसी प्रक्रिया के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी।
किन किसानों को नहीं मिलेगा 21वीं किस्त का लाभ?
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि जिन किसानों ने ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी नहीं की है या भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन अधूरा है, उन्हें इस बार की किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने बार-बार यह अपील की है कि लाभार्थी किसान जल्द से जल्द अपनी e-KYC और भू-अभिलेख अपडेट कराएं।
इसके अलावा जिन किसानों के नाम पर दो हेक्टेयर से अधिक भूमि पाई गई है, या जिन्होंने आयकर रिटर्न दाखिल किया है, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा गया है। योजना का उद्देश्य केवल छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देना है।
कैसे जांचें कि पैसा आएगा या नहीं?
किसान अपने PM Kisan Portal (pmkisan.gov.in) या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं। पोर्टल पर जाकर ‘Beneficiary Status’ सेक्शन में आधार या मोबाइल नंबर दर्ज करने पर किस्त की स्थिति दिख जाएगी। जिनके खाते में पैसा नहीं आया है, वे ‘Rejected List’ में अपना नाम देखकर कारण जान सकते हैं।
अब तक 11 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित
इस योजना से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को फायदा मिल चुका है। केंद्र सरकार ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद से अब तक किसानों के खातों में 2.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी करना है।
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी। शुरुआत में केवल छोटे और सीमांत किसानों को शामिल किया गया था, लेकिन बाद में इसे सभी पात्र किसानों तक विस्तारित कर दिया गया। योजना का मुख्य लक्ष्य खेती-किसानी के खर्च में राहत देना और किसानों की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
सरकार का कहना है कि पीएम किसान योजना भविष्य में भी किसानों की मुख्य आर्थिक सहारा बनी रहेगी। इसके तहत पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया और सख्त की जाएगी ताकि केवल असली किसान ही इस योजना का लाभ उठा सकें।